अध्याय–1 : उत्तराखंड का सामान्य परिचय

उत्तराखण्ड

अध्याय–1 : उत्तराखंड का सामान्य परिचय

उत्तराखण्ड भारत के उत्तर में स्थित एक अत्यन्त सुन्दर और प्राकृतिक सम्पदा से समृद्ध राज्य है। यह राज्य अपनी ऊँची-ऊँची हिमालयी पर्वत श्रृंखलाओ, पवित्र नदियो। प्राचीन मंदिरो, घने वनो और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के कारण पूरे विश्व मे प्रसिद्ध है। “इसे देव भूमि कहा जाता है,” क्योंकि यहाँ अनेक प्रसिद्ध तीर्थस्थल है, यही कारण है कि यहाँ प्रत्येक वर्ष लाखो की संख्या मे श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।

उत्तराखण्ड का धार्मिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और सामरिक दृष्टि से बहुत अधिक महत्वपूर्ण स्थान रखते है। भारत की दो सबसे पवित्र नदिया है जिनमे गंगा और यमुना इनका उद्गम भी इसी राज्य से होता है। चार धाम (यमुनोत्री, गंगोत्री, केदार नाथ और बद्रीनाथ) भी यही स्थित है। यही कारण इसको आध्यात्मिक नगरी भी कहते हैं।

यह राज्य प्राकृतिक सुन्दरता  जैव विविधता, पर्यटन शिक्षा, सैन्य परम्परा और पर्यावरण संरक्षण के लिए विशेष पहचान रखता है।

उत्तराखण्ड का गठन –

उत्तराखण्ड पहले उत्तर-प्रदेश का हिस्सा था । पहाडी क्षेत्रो के लोगो का विकाश, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, रोजगार और प्रशासनिक सुविधा मे कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।

 

इस आदोलन में हजारो लोगो ने भाग लिया और कई लोगो ने अपना बलिदान भी दिया । अततः भारत सरकार ने 9 नवम्बर 2000 को उत्तर -प्रदेश से अलग करके एक नये राज्य की स्थापना की।

गठन के समय इसका नाम उत्तराचल रखा था। बाद मे जनता की भावना और एतिहासिक पहचान को ध्यान मे रखते हुए इसका नाम 1 जनवरी  2007 इसका नाम उत्तराखण्ड कर दिया गया।

 

उत्तराखण्ड भारत का 27 वॉ राज्य है।

उत्तराखण्ड नाम का अर्थ

उत्तराखण्ड दो शब्दो से मिलकर बना है।

उत्तर => उत्तर दिशा

खण्ड =>हिस्सा या भाग । क्षेत्र

प्राचीन ग्रंथो मे भी उत्तराखण्ड का उल्लेख मिलता है। इसे केदारखण्ड और मानसखण्ड के नाम से भी जाना जाता है।

उत्तराखण्ड की भौगोलिक स्थिति

उत्तराखण्ड भारत के उत्तरी भाग में स्थित है और इसका अधिकाश भाग हिमालय पर्वतो से घिरा हुआ है

कुल क्षेत्रफल → 53483 वर्ग किलो मीटर

अक्षाश → 28’43’ से 3127′ उत्तरी

देशान्तर → 77°34′ से 81°02′ पूर्वी

 

सीमाये

इसके उत्तर में तिब्बत (चीन), पूर्व मे नेपाल, पश्चिम में हिमाचल प्रदेश तथा दक्षिण में उत्तर-प्रदेश स्थित है।

यह भौगोलिक स्थिति उत्तराखण्ड को सामरिक दृष्टि से भी अत्यन्त महत्त्वपूर्ण बनाती है।

 

राजधानी

उत्तराखण्ड राज्य की दो राजधानी है।

शीतकालीन राजधानी – देहरादून

ग्रीष्मकालीन राजधानी – गैरसैण्ड (भराड़ीसैंण)

 

Note-  देहरादून राज्य का सबसे बड़ा शहर है। गैरसैण्ड को पहाडी क्षेत्रो के संतुलित विकाश के उद्देश्य से ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाया गया है।

उत्तराखण्ड का उच्च न्यायालय :-

उत्तराखण्ड का उच्च न्यायालय नैनीताल में है जो की कुमांऊ मण्डल के अन्र्तगत आता है।

प्रशासनिक विभाजन

 

उत्तराखण्ड में कुल २ मण्डल है –

1.गढ़वाल मण्डल

2. कुमाऊँ मण्डल

राज्य मे कुल जिले

गढ़वाल मण्डल के जिले  –    कुमाऊ मण्डल के जिले

1. देहरादून                   1. अल्मोडा

2. हरिद्वार                     2. नैनीताल

3. उत्तरकाशी                3. बागेश्वर

4. टिहरी गढ़‌वाल          4. पिधोरागढ़

5. रुद्र प्रयाग                 5. चम्पावत

6. चमोली                    6. उधम सिंह नगर

7. पौडी गढ़‌वाल

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